जानिए हार्ट अटैक क्यों आता है? नौजवानों को इतने हार्ट अटैक क्यों आ रहे हैं?

0

भारतीय युवाओं का दिलाकर इतना कमजोर क्यों है हार्ट अटैक एक ऐसी बीमारी जो कब किसका पीछा कर ले यह किसी को भी नहीं पता। हम सभी जानते हैं इस दुनिया में एक बहुत बड़ी आबादी हार्ड अटैक का शिकार होकर मौत के घाट उतार जाती है। लेकिन सबसे चिंताजनक बात यह है कि आखिर कम उम्र में लोगों को हार्ड अटैक क्यों आता है। क्यों 30 से 40 साल के व्यक्ति हार्ड अटैक का शिकार होकर इस दुनिया को हमेशा हमेशा के लिए अलविदा कह देते हैं क्या अब इंसानों का यह शरीर लंबे समय तक जीवित नहीं रह पाता। या बात ही कुछ और है। कम उम्र में हार्ट अटैक का शिकार होना किस हद तक सही है। अधिकतर बुजुर्गों में दिखने वाली यह समस्या अब युवाओं में क्यों दिख रही है?

दोस्तों अगर आंकड़ों की बात की जाए तो कम उम्र में हार्ट अटैक के मामले दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं। दोस्तों यह बात कड़वी है लेकिन भारत में कम उम्र के लोगों में हार्ट अटैक के मामले बढ़ने लगे हैं। अमेरिका के एक रीसर्च जोनल में छपे एक आर्टिकल के अनुसार साल 2015 के पहले भारत में 6.2 करोड़ लोगों को दिल से जुड़ी बीमारी ने अपनी गिरफ्त में ले लिया। इनमे से करीब 2.3 करोड़ लोगों की उम्र 40 से भी कम है। यानी 40% दिल से जुड़ी समस्या के मरीज कम उम्र के है। दोस्तों ये आंकड़े वाकई में चौका देने वाले हैं। क्योंकि एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये आंकड़े भारत में तेजी से बढ़ रहे हैं। 2015 रिसर्च में पाया गया की ये अकाल मृत्यु यानी की जिन लोगों की मौत अचानक से ही बिना वजह हो जाती है उसमे हार्ट अटैक तीसरी सबसे बड़ी समस्या है। 2016 में हार्ट अटैक अकाल मृत्यु का सबसे पहला कारण बन गया। क्योंकि आज से 10-15 साल पहले जब किसी को दिल की बीमारी होती थी।तो इंसान अपने आप ही अंदाजा लगा लेता था कि उसकी उम्र 50 साल के ऊपर होगी। अब ऐसा बिल्कुल भी नहीं है छोटे छोटे बच्चे भी दिल से जुड़ी बीमारी का शिकार हो रहे हैं।

दोस्तों देश के जाने माने कार्डियोलॉजिस्ट और पद्म श्री से सम्मनित डॉ0 एस सी मनचंदा साफ तौर पर बताते हैं कि भारत के युवाओं का दिल कमजोर हो गया है। डॉ साहब ये भी कहते हैं कि इस कमजोर दिल का कारण और कुछ नहीं है बल्कि हमारे नए जमाने की जीवन शैली है। देश में इस लाइफस्टाइल डिसऑर्डर के लिए डॉ मनचंदा पांच कारणों को सबसे अहम मानते हैं।

 

जहां सबसे पहली चीज तो जीवन में होने वाला तनाव है। जो इंसान के दिल को कमज़ोर बना रहा है।

 

दुसरी चीज है खाने की गलत आदत जो हर युवा के अंदर पाई जाती है।

 

कंप्यूटर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का उपयोग भी भी इंसान के अंदरूनी शरीर को कमजोर बना रहा है।

 

अगर हम चौथे कारण की बात करें तो वो है तंबाकू, सिगरेट जैसी चीजों की लत।

 

और पांचवा सबसे अहम कारण है पर्यावरण प्रदूषण।

ये सभी चीजें मिलाकर इंसान को अंदर से कमज़ोर बनाती जा रही हैं। जिसमें सबसे पहले इन्सान का दिल कमजोर होता जा रहा है। जिसकी वजह से दिल के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। हार्ट अटैक आने की सबसे बड़ी वजह स्मोकिंग भी है। बाकी अगर हम तनाव की बात करें तो पढ़ने की उम्र में बच्चों के अंदर तनाव होना बहुत आम बात है। जहां उनके अंदर एक तरफ पढ़ाई का प्रेशर होता है। तो वही दूसरी तरफ सोशल मीडिया और प्यार मोहब्बत जैसी चीजें बच्चों को मानसिक रूप से जकड़ लेती है। और बच्चे इन्ही सब चीजों में खो जाते हैं। उन्हें समझ मे ही नहीं आता कि इसके आगे भी इनका जीवन है। इसलिए तनाव और डिप्रेशन जैसी चीजें आप लोगों को कम उम्र के बच्चों में देखने को मिलती हैं। ठीक ऐसा ही खाने पीने की आदत में है जो युवाओं को पहले तो बहुत स्वादिष्ट लगता है। जैसे ही उन्हें फास्ट फूड और तली भुनी चीजों को खाने की उनकी लत लगती है। तो शुरुआत में तो कोई नुकसान नहीं दिखाती। लेकिन 30 साल पार करते ही ये चीज अपना असर दिखाना शुरू कर देती है। जो दिल की बीमारी के रूप में सामने आती है।

बाकी जाहिर सी बात है कि आज हम डिजिटल जमाने में रह रहे हैं। कंप्यूटर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण इस्तेमाल करना कोई बड़ी बात नहीं है। जो लोगों को अपनी तरफ खीच रहा है। और जब से ये ऑनलाइन दुनिया शुरू हुई है। तब से तो लोग और ज्यादा इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पर निर्भर होने लगे हैं। जिससे तनाव भी बढ़ा जाता है। फिजिकल एक्टिविटी न होने के कारण बॉडी मेंटेन नहीं करते है और मोटापा बढ़ने लगता है। और जब मोटापा बढ़ता है तो जाहिर सी बात है कि वो अपने साथ कई और बीमारियों को लेकर आता है। आज की जिंदगी जो हम जी रहे हैं। वो हर तरह से हमारे दिल के लिए खतरनाक है। और वो दिन दूर नही जब लोग युवा अवस्था में यानी की 20-22 साल की उम्र में हार्ट अटैक का शिकार होना शुरू हो जाएंगे। जिससे अगर बचना है तो एक स्वस्थ जीवन जीना होगा। जहां न सिर्फ़ खाने की आदतों को अच्छा बनाना होगा। नशे वाली चीजों को त्यागना होगा और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का इस्तेमाल केवल काम की चीजों को करने के लिए करना होगा। ज्यादा से ज्यादा बाहर की हवा भी लेनी है। जब आप ये सब बातें ध्यान रखेंगे तो आप लम्बे समय तक एक अच्छे दिल के मालिक बन पाएंगे। बाकी दोस्तों आपका क्या कहना है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.